ये तो हो गयी वो बातें जहां अक्सर गलतियां पाई जाती हैं लेकिन एक बात मुझे ये जरुर कहनी है कि सरकार को ट्रेनिंग में प्रगणकों , सुपरवाईजरों को छोटी से छोटी बातें भी जरुर बतानी चाहिए,
क्योंकि जरुरी नहीं कि हर प्रगणक उसे पूरा या उसी भाव में समझे जिसमे समझाया गया हो !
6 A फार्म जी क्रमानुसार भरना, साइड A से फार्म भरना शुरू करना,
उसमे H L बुकलेट का चौथा कॉलम मकान नंबर में भरना,
एक ब्लाक का काम पूरा होने पर दुसरे ब्लाक का काम नए फार्म से भरना शुरू करना ये सब बहुत ही छोटी बाते हैं लेकिन इसमें ही ज्यादातर गलतियां होती हैं और यदि थोडा सा समय काम कैसे शुरू करें व फील्ड में जाकर घरों के सर्वे में क्या-क्या पूछें ये भी बता दिया जाये तो प्रगणकों को इतनी परेशानी न हो ! सरकार साथ ही हर जिले में एक हेल्प सेण्टर भी खोल सकती है या टोल फ्री नंबर भी शुरू कर सकती है जहां से प्रगणक अपनी परेशानी का हल पा सकें !
अब आते हैं काम कैसे शुरू करें? तो मैं अपने अनुभव आपको बताना चाहूँगा ! मैंने जनगणना, आर्थिक गणना के अलावा भी कई अन्य सर्वे किये हैं इसलिए अब इन कामों को थोडा समझने लगा हूँ! ऐसे सर्वे करने में आप आर्थिक गणना जैसे फार्म होने पर और उनमे सर्वे करने वालों के हस्ताक्षर न होने की दशा में फार्म घर पर ही रख कर जाएँ तो अच्छा होगा, साथ ही आजकल बरसात का मौसम चल रहा है ऐसे में बारिश में फार्म भीग गया तो खराब हो सकता है ! आप आप आर्थिक गणना का सर्वे करने के लिए एक रूलदार रजिस्टर खरीद लें, उसमे मुख्य कॉलम बनाकर "स्केल" (पटरी, फुटा) द्वारा लाइन खींच लें! रजिस्टर में आमने सामने के दोनों पन्नों को एक पेज का सर्वे करने लायक सही अनुपात में जगह देकर रेखाएं खींच लें!
पहला कॉलम "1- जनगणना मकान/ संरचना क्रमांक " का है, इसमें आप चौथाई अंक तक की संख्या लिखने लायक जगह से थोडा सा ज्यादा जगह छोड़कर सही अनुपात में लाइन खीच लें क्योंकि अगर मकान सं . 105 के कई भाग 1 से 16 तक हुए तो 105 (16) को लिखने लायक जगह छोड़ने पर ही उसे सही से लिख सकेंगे !
दूसरा कॉलम "2 - जनगणना मकान/ संरचना के उपयोग का संकेतांक " को आप इकाई संख्या भरने लायक जगह छोड़कर बनायें, क्योंकि इसमें केवल 1 ,2 ,3 और 9 के अलावा कोई और संख्या नहीं भरी जाएगी !
तीसरा मुख्य कॉलम "3 - परिवार के मुखिया का नाम/ उद्यम का नाम यानी दूकान या उद्योग का पूरा नाम / दूकान का नाम न होने की दशा में उद्यम के मालिक का नाम" भरने का है, इसे थोडा ज्यादा जगह दें क्योंकि हो सकता है कि किसी व्यक्ति, विद्यालय या दुकान आदि का नाम बड़ा हो!
***
फिर कॉलम "4 - परिवार के सदस्यों की संख्या" (इसमें उस घर के मुखिया के साथ उस वर्तमान में रह रहे परिवार के कुल सदस्यों की संख्या भरी जाएगी ),
कॉलम "5 - परिवार में केवल मजदूरी/वेतन पाने वाले सदस्यों की संख्या" (इसमें उस परिवार में रह रहे कुल सदस्यों में से कितने कमाने वाले सदस्य हैं उनको वेतन/मजदूरी पाने वाले अलग और व्यापार करने वालो को अलग संख्या में लिखा जायेगा ),
कॉलम "6 - निवास के बहार निश्चित ढाँचे वाले उद्यम" (इसमें घर के बाहर होने वाले व्यापार या उद्यम की संख्या भरी जाएगी ),
कॉलम "7 - निवास के बहार बिना निश्चित ढाँचे वाले उद्यम" (इसमें फेरी वाले, ठेला लगाने वाले आदि उद्यम भरे जायेंगे ),
कॉलम " 8 - निवास के भीतर वाले उद्यम" ( इसमें निवास के अन्दर या निवास से जुड़े हुए उद्यम आयेंगे !
आप 4 से 8 तक के सभी कॉलम के लिए दहाई अंक लिखने लायक जगह छोड़ कर लाइन खीच लें !
कॉलम 9 व 10 को सर्वे करने वाले रजिस्टर में उतरना उतना जरुरी नहीं क्यूंकि इन्हें आप फार्म 6 A भरते समय भी लिख सकते हैं ! अगर कॉलम 7 व 8 में जोड़कर या अकेले ही 1 से ज्यादा उद्यम आ रहे हों तो फार्म 6 A भरते समय उनको बिना जनगणना मकान संख्या लिखे उसी मकान के विवरण के नीचे वाली लाइन में उस मकान के अन्य उद्यमों का पूरा विवरण भर लेंगे ! कॉलम 10 को फार्म 6 A भरते समय कॉलम 9 में जितने भी उद्यम दिखाए गए हों यदि वे एक से ज्यादा हैं तो एक के बाद एक नीचे की लाइन में लिखते जायेंगे ! (देखें मार्गदर्शिका में पेज नंबर 50 पर जनगणना क्रमांक -16 सोनू सोलंकी या पेज न. 48 का ज .क्र. 5 श्रीमती सीता का उदाहरण )
इसके बाद कॉलम "1 1 - उद्यम के प्रमुख क्रियाकलाप का विवरण " के लिए कॉलम 3 की तरह ही इतनी जगह छोड़ें कि उसमे उद्यम / व्यापार के क्रियाकलाप को आप लिख सकें कि उस उद्यम के अंतर्गत किस तरह का कार्य होता है? इस कॉलम में यदि कोई कुम्हार है और वो घर पर मिटटी के बर्तन बनता है तो उसको कॉलम 11 में "मिटटी के बर्तन बनाना " लिखकर उसके कार्य के विवरण का प्रकार बताएँगे या किसी विद्यालय की गणना करते समय इसमें "शिक्षा " भरेंगे क्यूंकि विद्यालय में शिक्षा का कार्य होता है ! कई उद्योगों / दुकानों या उद्यमों के कार्य को उनके फर्म के नाम से नहीं जाना जा सकता अतः यहाँ पर उसका विवरण देने से उस उद्यम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी !
जैसे जूते की अगर दो तरह की दुकाने हैं जिसमे एक उद्यमी तो जूता खरीदकर बेचता है लेकिन दूसरा उद्यमी खुद जूता बनाकर बेचता है तो इसमें जूता खरीदकर बेचने वाले को इस कॉलम में जूता बिक्री लिखकर उसे कॉलम 12 में खुदरा व्यापर का संकेतांक (कोड) "12" देंगे क्यूंकि वो सिर्फ खरीद कर बेच रहा है लेकिन दूसरे उद्यमी को इस कॉलम में "जूता बनाना" लिखकर कॉलम 12 में विनिर्माण वाला कोड "06" भरेंगे क्यूंकि वो जूता बनाकर बेच रहा है ! (अधिक जानकारी के लिए मार्गदर्शिका में पेज न. 38 में ऊपर की पहली लाइन पढ़ें)
फिर आता है कॉलम "12 - वृहद गतिविधि संकेतांक" यानि उस उद्यम या व्यापार का संकेतांक या कोड " (ये सभी कोड आपको फार्म 6A में नीचे दिए हुए मिल जायेंगे एवं विस्तृत रूप में मार्गदर्शिका में पेज न. 36 से 42 में मिल जायेंगे )
आप मार्गदर्शिका के पेज संख्या -17 व 18 में मुख्य उद्यमों के कोड देख सकते हैं लेकिन पेज 18 में दिए हुए कोड को ध्यान से देखिएगा क्यूंकि उसमे कोड तो बाद में दिए गए हैं इसके पहले बायीं तरफ शुरू में क्रम संख्या को "सरल क्रमांक " देकर दर्शाया गया है, सरल क्रमांक को न चुनकर "वृहद गतिविधि संकेतांक" वाले कोड को ही संकेतांक में भरें! कॉलम न. 12 में केवल दहाई अंकों की संख्या लिखने लायक जगह छोड़कर ही लाइन खींचे क्यूंकि इसमें "0 1 " से "9 9 " तक की संख्या वाले कोड ही भरे जाने हैं और इसे घर पर ही आकर उद्यम के अनुरूप कोड खोजकर भारियेगा फील्ड (क्षेत्र या गणना हेतु दिया गया ब्लाक) में नहीं, क्यूंकि जल्दबाजी में गलत कोड भी भर सकते हैं और सर्वे करते समय वक़्त की बर्बादी भी होगी, अच्छा तो यही रहेगा कि आप उस उद्यम/ दुकान के क्रियाकलाप का विवरण ( कॉलम "11 " में )सही ढंग से विस्तारपुर्वक भर लें जिससे आपको उसे समझने और भरने में आसानी रहे ! बाद में फार्म 6A भरते समय उस क्रियाकलाप के विवरण को संक्षिप्त करके गणना के अनुरूप शुद्ध भाषा में भरें! जैसे कोई फेरी वाला ठेले में सब्जी बेचता है तो आप उसे कॉलम "7 " में भरने के बाद कॉलम "11" में अपने रजिस्टर में भले ही अपनी सुविधानुसार "ठेले में सब्जी बेचना " लिखे हों लेकिन जब उसका विवरण फार्म 6A में भरेंगे तो "सब्जी विक्रय" लिखेंगे !
कॉलम "13" को खाली छोड़ देना है तो उसे आप रजिस्टर में न बनायें !
कॉलम "14 " से "20 " के लिए इकाई संख्या लिखने लायक जगह छोड़कर लाइन खींचना पर्याप्त होगा ! फिर उस मकान के उद्यम में कार्यरत व्यक्तियों की कुल संख्या को पहले वैतनिक व अवैतनिक में बांटकर लिखना है उसके बाद इन दोनों कॉलम को पुरुष व महिला में बाँट कर लिखने हैं इसमें आप अपने ब्लाक की उद्यमों के अनुसार व्यकित्यों की संख्या लायक जगह छोड़ कर लाइन खीच लें !
जगह हो तो इन चारों कॉलम में आये व्यक्तियों की संख्या के योग का कॉलम बना लें अन्यथा रहने दें, जब फार्म भरें तब उनका योग कर के लिख दे, इसके बाद की जगह को मोबाइल न. या डाक पते के लिए छोड़ दें ! कई बार उद्यमों या परिवारों की कुछ जानकारी बाकी रह जाने पर छोटी मोती जानकारी मोबाइल से संपर्क कर के मांगी जा सकती है और उनका डाक का पता होने पर जनगणना मकान क्रमांक की सही स्थिति का पता चल जाता है ! उदाहरण के लिए आप मार्गदर्शिका में पेज न. 49 के बाद भरे हुए फार्म 6A का तरीका देख कर काफी कुछ समझ सकते हैं कि फार्म कैसे भरा जाये !
क्योंकि जरुरी नहीं कि हर प्रगणक उसे पूरा या उसी भाव में समझे जिसमे समझाया गया हो !
6 A फार्म जी क्रमानुसार भरना, साइड A से फार्म भरना शुरू करना,
उसमे H L बुकलेट का चौथा कॉलम मकान नंबर में भरना,
एक ब्लाक का काम पूरा होने पर दुसरे ब्लाक का काम नए फार्म से भरना शुरू करना ये सब बहुत ही छोटी बाते हैं लेकिन इसमें ही ज्यादातर गलतियां होती हैं और यदि थोडा सा समय काम कैसे शुरू करें व फील्ड में जाकर घरों के सर्वे में क्या-क्या पूछें ये भी बता दिया जाये तो प्रगणकों को इतनी परेशानी न हो ! सरकार साथ ही हर जिले में एक हेल्प सेण्टर भी खोल सकती है या टोल फ्री नंबर भी शुरू कर सकती है जहां से प्रगणक अपनी परेशानी का हल पा सकें !
अब आते हैं काम कैसे शुरू करें? तो मैं अपने अनुभव आपको बताना चाहूँगा ! मैंने जनगणना, आर्थिक गणना के अलावा भी कई अन्य सर्वे किये हैं इसलिए अब इन कामों को थोडा समझने लगा हूँ! ऐसे सर्वे करने में आप आर्थिक गणना जैसे फार्म होने पर और उनमे सर्वे करने वालों के हस्ताक्षर न होने की दशा में फार्म घर पर ही रख कर जाएँ तो अच्छा होगा, साथ ही आजकल बरसात का मौसम चल रहा है ऐसे में बारिश में फार्म भीग गया तो खराब हो सकता है ! आप आप आर्थिक गणना का सर्वे करने के लिए एक रूलदार रजिस्टर खरीद लें, उसमे मुख्य कॉलम बनाकर "स्केल" (पटरी, फुटा) द्वारा लाइन खींच लें! रजिस्टर में आमने सामने के दोनों पन्नों को एक पेज का सर्वे करने लायक सही अनुपात में जगह देकर रेखाएं खींच लें!
पहला कॉलम "1- जनगणना मकान/ संरचना क्रमांक " का है, इसमें आप चौथाई अंक तक की संख्या लिखने लायक जगह से थोडा सा ज्यादा जगह छोड़कर सही अनुपात में लाइन खीच लें क्योंकि अगर मकान सं . 105 के कई भाग 1 से 16 तक हुए तो 105 (16) को लिखने लायक जगह छोड़ने पर ही उसे सही से लिख सकेंगे !
दूसरा कॉलम "2 - जनगणना मकान/ संरचना के उपयोग का संकेतांक " को आप इकाई संख्या भरने लायक जगह छोड़कर बनायें, क्योंकि इसमें केवल 1 ,2 ,3 और 9 के अलावा कोई और संख्या नहीं भरी जाएगी !
तीसरा मुख्य कॉलम "3 - परिवार के मुखिया का नाम/ उद्यम का नाम यानी दूकान या उद्योग का पूरा नाम / दूकान का नाम न होने की दशा में उद्यम के मालिक का नाम" भरने का है, इसे थोडा ज्यादा जगह दें क्योंकि हो सकता है कि किसी व्यक्ति, विद्यालय या दुकान आदि का नाम बड़ा हो!
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फिर कॉलम "4 - परिवार के सदस्यों की संख्या" (इसमें उस घर के मुखिया के साथ उस वर्तमान में रह रहे परिवार के कुल सदस्यों की संख्या भरी जाएगी ),
कॉलम "5 - परिवार में केवल मजदूरी/वेतन पाने वाले सदस्यों की संख्या" (इसमें उस परिवार में रह रहे कुल सदस्यों में से कितने कमाने वाले सदस्य हैं उनको वेतन/मजदूरी पाने वाले अलग और व्यापार करने वालो को अलग संख्या में लिखा जायेगा ),
कॉलम "6 - निवास के बहार निश्चित ढाँचे वाले उद्यम" (इसमें घर के बाहर होने वाले व्यापार या उद्यम की संख्या भरी जाएगी ),
कॉलम "7 - निवास के बहार बिना निश्चित ढाँचे वाले उद्यम" (इसमें फेरी वाले, ठेला लगाने वाले आदि उद्यम भरे जायेंगे ),
कॉलम " 8 - निवास के भीतर वाले उद्यम" ( इसमें निवास के अन्दर या निवास से जुड़े हुए उद्यम आयेंगे !
आप 4 से 8 तक के सभी कॉलम के लिए दहाई अंक लिखने लायक जगह छोड़ कर लाइन खीच लें !
कॉलम 9 व 10 को सर्वे करने वाले रजिस्टर में उतरना उतना जरुरी नहीं क्यूंकि इन्हें आप फार्म 6 A भरते समय भी लिख सकते हैं ! अगर कॉलम 7 व 8 में जोड़कर या अकेले ही 1 से ज्यादा उद्यम आ रहे हों तो फार्म 6 A भरते समय उनको बिना जनगणना मकान संख्या लिखे उसी मकान के विवरण के नीचे वाली लाइन में उस मकान के अन्य उद्यमों का पूरा विवरण भर लेंगे ! कॉलम 10 को फार्म 6 A भरते समय कॉलम 9 में जितने भी उद्यम दिखाए गए हों यदि वे एक से ज्यादा हैं तो एक के बाद एक नीचे की लाइन में लिखते जायेंगे ! (देखें मार्गदर्शिका में पेज नंबर 50 पर जनगणना क्रमांक -16 सोनू सोलंकी या पेज न. 48 का ज .क्र. 5 श्रीमती सीता का उदाहरण )
इसके बाद कॉलम "1 1 - उद्यम के प्रमुख क्रियाकलाप का विवरण " के लिए कॉलम 3 की तरह ही इतनी जगह छोड़ें कि उसमे उद्यम / व्यापार के क्रियाकलाप को आप लिख सकें कि उस उद्यम के अंतर्गत किस तरह का कार्य होता है? इस कॉलम में यदि कोई कुम्हार है और वो घर पर मिटटी के बर्तन बनता है तो उसको कॉलम 11 में "मिटटी के बर्तन बनाना " लिखकर उसके कार्य के विवरण का प्रकार बताएँगे या किसी विद्यालय की गणना करते समय इसमें "शिक्षा " भरेंगे क्यूंकि विद्यालय में शिक्षा का कार्य होता है ! कई उद्योगों / दुकानों या उद्यमों के कार्य को उनके फर्म के नाम से नहीं जाना जा सकता अतः यहाँ पर उसका विवरण देने से उस उद्यम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी !
जैसे जूते की अगर दो तरह की दुकाने हैं जिसमे एक उद्यमी तो जूता खरीदकर बेचता है लेकिन दूसरा उद्यमी खुद जूता बनाकर बेचता है तो इसमें जूता खरीदकर बेचने वाले को इस कॉलम में जूता बिक्री लिखकर उसे कॉलम 12 में खुदरा व्यापर का संकेतांक (कोड) "12" देंगे क्यूंकि वो सिर्फ खरीद कर बेच रहा है लेकिन दूसरे उद्यमी को इस कॉलम में "जूता बनाना" लिखकर कॉलम 12 में विनिर्माण वाला कोड "06" भरेंगे क्यूंकि वो जूता बनाकर बेच रहा है ! (अधिक जानकारी के लिए मार्गदर्शिका में पेज न. 38 में ऊपर की पहली लाइन पढ़ें)
फिर आता है कॉलम "12 - वृहद गतिविधि संकेतांक" यानि उस उद्यम या व्यापार का संकेतांक या कोड " (ये सभी कोड आपको फार्म 6A में नीचे दिए हुए मिल जायेंगे एवं विस्तृत रूप में मार्गदर्शिका में पेज न. 36 से 42 में मिल जायेंगे )
आप मार्गदर्शिका के पेज संख्या -17 व 18 में मुख्य उद्यमों के कोड देख सकते हैं लेकिन पेज 18 में दिए हुए कोड को ध्यान से देखिएगा क्यूंकि उसमे कोड तो बाद में दिए गए हैं इसके पहले बायीं तरफ शुरू में क्रम संख्या को "सरल क्रमांक " देकर दर्शाया गया है, सरल क्रमांक को न चुनकर "वृहद गतिविधि संकेतांक" वाले कोड को ही संकेतांक में भरें! कॉलम न. 12 में केवल दहाई अंकों की संख्या लिखने लायक जगह छोड़कर ही लाइन खींचे क्यूंकि इसमें "0 1 " से "9 9 " तक की संख्या वाले कोड ही भरे जाने हैं और इसे घर पर ही आकर उद्यम के अनुरूप कोड खोजकर भारियेगा फील्ड (क्षेत्र या गणना हेतु दिया गया ब्लाक) में नहीं, क्यूंकि जल्दबाजी में गलत कोड भी भर सकते हैं और सर्वे करते समय वक़्त की बर्बादी भी होगी, अच्छा तो यही रहेगा कि आप उस उद्यम/ दुकान के क्रियाकलाप का विवरण ( कॉलम "11 " में )सही ढंग से विस्तारपुर्वक भर लें जिससे आपको उसे समझने और भरने में आसानी रहे ! बाद में फार्म 6A भरते समय उस क्रियाकलाप के विवरण को संक्षिप्त करके गणना के अनुरूप शुद्ध भाषा में भरें! जैसे कोई फेरी वाला ठेले में सब्जी बेचता है तो आप उसे कॉलम "7 " में भरने के बाद कॉलम "11" में अपने रजिस्टर में भले ही अपनी सुविधानुसार "ठेले में सब्जी बेचना " लिखे हों लेकिन जब उसका विवरण फार्म 6A में भरेंगे तो "सब्जी विक्रय" लिखेंगे !
कॉलम "13" को खाली छोड़ देना है तो उसे आप रजिस्टर में न बनायें !
कॉलम "14 " से "20 " के लिए इकाई संख्या लिखने लायक जगह छोड़कर लाइन खींचना पर्याप्त होगा ! फिर उस मकान के उद्यम में कार्यरत व्यक्तियों की कुल संख्या को पहले वैतनिक व अवैतनिक में बांटकर लिखना है उसके बाद इन दोनों कॉलम को पुरुष व महिला में बाँट कर लिखने हैं इसमें आप अपने ब्लाक की उद्यमों के अनुसार व्यकित्यों की संख्या लायक जगह छोड़ कर लाइन खीच लें !
जगह हो तो इन चारों कॉलम में आये व्यक्तियों की संख्या के योग का कॉलम बना लें अन्यथा रहने दें, जब फार्म भरें तब उनका योग कर के लिख दे, इसके बाद की जगह को मोबाइल न. या डाक पते के लिए छोड़ दें ! कई बार उद्यमों या परिवारों की कुछ जानकारी बाकी रह जाने पर छोटी मोती जानकारी मोबाइल से संपर्क कर के मांगी जा सकती है और उनका डाक का पता होने पर जनगणना मकान क्रमांक की सही स्थिति का पता चल जाता है ! उदाहरण के लिए आप मार्गदर्शिका में पेज न. 49 के बाद भरे हुए फार्म 6A का तरीका देख कर काफी कुछ समझ सकते हैं कि फार्म कैसे भरा जाये !
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